फसल बर्बादी पर कांग्रेस का प्रदर्शन, तीन दिन का अल्टीमेटम।
धान की फसल के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग, गन्ने का समर्थन मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल करने की उठाई आवाज।
रुद्रपुर। बेमौसम आंधी-तूफान और भारी ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धान की बर्बाद फसल पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा
ज्ञापन में कहा गया कि हालिया प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में धान, गन्ने समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने धान की बर्बाद फसल के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से तत्काल मुआवजा देने तथा ओलावृष्टि से प्रभावित गन्ने और अन्य फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा घोषित करने की मांग की।
बिजली बिल माफ करने और गन्ने का भाव 700 रुपये करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित किसानों के बिजली बिल तत्काल माफ करने और आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सभी चीनी मिलों को नवंबर के प्रथम सप्ताह में अनिवार्य रूप से चालू किया जाए, ताकि किसान समय पर गन्ने की आपूर्ति कर सकें और अपने खेत खाली करके गेहूं की बुआई शुरू कर सकें। प्रदर्शन के दौरान किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोनू कंग, राजेंद्र सिंह, त्रिनाथ विश्वास, चेतन मांगट, किशोर हाल्दार, शराफत अली मंसूरी, अंकुर चावला, विक्रमजीत सिंह, प्रीति साना, मोनिका ढाली, उमा सरकार, हरभजन सिंह, गुरबक्श सिंह, नवदीप कंग, ललित बिष्ट और केरू मंडल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
