उपप्रधानों की मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराजगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी को दोबारा सौंपा ज्ञापन।
विकास योजनाओं की जानकारी देने से लेकर प्रमाण पत्रों में उपप्रधान की सहमति और शिलान्यास पट्टिका पर नाम दर्ज कराने की उठाई मांग।
उधम सिंह नगर। ग्राम पंचायतों में उपप्रधानों की भूमिका और अधिकारों को लेकर उपप्रधान जिला संगठन ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है। संगठन की ओर से 5 नवंबर 2026 को जिला समाज कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूर्व में उठाई गई मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 22 सितंबर 2026 को उपप्रधान संघ की ओर से ज्ञापन देकर उपप्रधानों की समस्याओं और अधिकारों से संबंधित विभिन्न मांगें उठाई गई थीं। उस दौरान मांगों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से तीन मांगें उठाई गई हैं। पहली, ग्राम पंचायत की बैठकों में उपप्रधानों को विकास योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाती, इसलिए उन्हें सभी विकास योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। दूसरी, ग्राम पंचायत में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने तथा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में ग्राम प्रधान के साथ उपप्रधान का सहमति पत्र भी अनिवार्य किया जाए। तीसरी, ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों के शिलान्यास की पट्टिकाओं पर ग्राम प्रधान के साथ उपप्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के नाम भी अंकित किए जाएं।
संगठन ने कहा कि ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में उपप्रधानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उन्हें अपेक्षित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल करते हुए मांगों का शीघ्र निस्तारण कराने की अपील की।
ज्ञापन में जिले से विभिन्न ब्लॉकों के उपप्रधानों ने हस्ताक्षर कर मांगों का समर्थन किया। इस मोके मे शेर सिह शुभम बठला सतनाम सिंह ( टिकू चीमा ) निर्मल सिंह बलबीर सिह कम्बोज विरेन्द्र चोहन निखिल खेडा रजीत शर्मा हरविंद्र चुघ सलामत अलि आदि माजूद रहे।
